आते है हर साल नवरात्रे माता के

लखबीर सिंह लक्खा
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आये नवरात्रे माता के जय हो नवरात्रे माता के,

आते है हर साल नवरात्रे माता के,

अरे मै पुजू हर बार नवरात्रे माता के,

आये नवरात्रे माता के जय हो नवरात्रे माता के......

पहले नवरात्रे खेत चैत्र विच के माँ की ज्योत जगाओ,

अरे दूजे नवरात्रे मैया जी को प्यार से मनाओ,

नवरात्रे माता के,

आये नवरात्रे माता के जय हो नवरात्रे माता के.....

तीजे नवरात्रे माता की सब पूजा करते रहना,

अरे जय माता दी जय माता दी श्वास श्वास में कहना,

नवरात्रे माता के,

आये नवरात्रे माता के जय हो नवरात्रे माता के......

चौथा नवरात्रे है फलदायक वेदों ने गुणगाया,

पांचवे नवरात्रे में पांडव ने माँ का भवन बनाया,

नवरात्रे माता के,

आये नवरात्रे माता के जय हो नवरात्रे माता के.....

छठे नवरात्रे में ध्यानु ने माँ का दर्शन पाया,

लाज भगत की रखली माँ ने अकबर का मान घटाया,

नवरात्रे माता के,

आये नवरात्रे माता के जय हो नवरात्रे माता के....

सप्तम के दिन साथ दे दिया भगतो को वर देती,

रिद्धि सिद्धि के खोल भंडारे भक्तो के घर भरती,

नवरात्रे माता के,

आये नवरात्रे माता के जय हो नवरात्रे माता के.....

अष्टमी का दिन है प्यारा कन्या पूजन करलो,

माँ गौरी का दर्शन पाकर खाली झोली भरलो,

नवरात्रे माता के,

आये नवरात्रे माता के जय हो नवरात्रे माता के......

आये नवरात्रे माता के जय हो नवरात्रे माता के,

आते है हर साल नवरात्रे माता के,

अरे मै पुजू हर बार नवरात्रे माता के,

आये नवरात्रे माता के जय हो नवरात्रे माता के.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।