ब्रज में ये कैसी ख़ुशी छाई है

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैया बधाई है बधाई है,

बाबा बधाई है बधाई है,

ब्रज में ये कैसी ख़ुशी छाई है,

ब्रज में ये कैसी ख़ुशी छाई है,

मैया बधाईं है बधाईं है,

बाबा बधाई है बधाई है.....

घर घर में कैसी ख़ुशी छाई है,

श्याम दीवाने गावे बधाई है,

घर घर में कैसी ख़ुशी छाई है,

श्याम दीवाने गावे बधाई है,

मन में है अति ख़ुशी छाई है,

मैया बधाईं है बधाईं है,

बाबा बधाई है बधाई है.....

भक्तो ने कैसी धूम मचाई है,

द्वारे पे बाजे शहनाई है,

भक्तो ने कैसी धूम मचाई है,

द्वारे पे बाजे शहनाई है,

बाबा ने सम्पती लुटाई है,

मैया ने बधाई बंटवाई है,

मैया बधाईं है बधाईं है,

बाबा बधाई है बधाई है......

मैया बधाईं है बधाईं है,

बाबा बधाई है बधाई है,

ब्रज में ये कैसी ख़ुशी छाई है,

ब्रज में ये कैसी ख़ुशी छाई है,

मैया बधाईं है बधाईं है,

बाबा बधाई है बधाई है.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।