माँ लक्ष्मी मेरे घर मे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ लक्ष्मी मेरे घर मे माँ लक्ष्मी मेरे घर मे,

कृपा तेरी जो हो जाए कृपा तेरी जो हो जाए

अंधियारे दुखो के मिटे अंधियारे दुखो के मिटे,

उजाला घर मेरे हो जाए उजाला घर मेरे हो जाए

माँ लक्ष्मी मेरे घर मे माँ लक्ष्मी मेरे घर मे,

कृपा तेरी जो हो जाए कृपा तेरी जो हो जाए,

माँ लक्ष्मी मेरे घर मे.....

अंतहीन लीला है तुम्हारी,

रूप भी मात अनेक रूप भी मात अनेक,

दूर करो निर्धनता को माँ बदल के,

भाग्य कि रेख बदल के भाग्य कि रेख,

भंडार खुशी से भरे भंडार खुशी से भरे,

दया दृष्टि जो हो जाए दया दृष्टि जो हो जाए

माँ लक्ष्मी मेरे घर मे माँ लक्ष्मी मेरे घर मे,

कृपा तेरी जो हो जाए कृपा तेरी जो हो जाए,

माँ लक्ष्मी मेरे घर मे.....

शीश झुका कर चरणो मे,

माँ तुमसे करे अरदास तुमसे करे अरदास,

स्वप्न हमारे सब सच होंगे,

मन मे है विश्वास मन मे है विश्वास,

जीवन हो सुख का सार जीवन हो सुख का सार,

तेरी अनुकम्पा जो हो जाए तेरी अनुकम्पा जो हो जाए,

माँ लक्ष्मी मेरे घर मे माँ लक्ष्मी मेरे घर मे,

कृपा तेरी जो हो जाए कृपा तेरी जो हो जाए,

माँ लक्ष्मी मेरे घर मे.....

तेरे चरणों की रज है पारस,

कुन्दन तन करदे कुन्दन तन करदे,

पान करे जो चरणामृत तो,

पावन मन करदे पावन मन करदे,

नयनन कि प्यास बुझे नयनन कि प्यास बुझे,

दरश तेरा जो हो जाये दरश तेरा जो हो जाए,

माँ लक्ष्मी मेरे घर मे माँ लक्ष्मी मेरे घर मे,

कृपा तेरी जो हो जाए कृपा तेरी जो हो जाए,

माँ लक्ष्मी मेरे घर मे......

जिसके सर पे हाथ हो तेरा,

भटके ना राह कभी भटके ना राह कभी,

तेरे भक्तो के माता लक्ष्मी,

सिद्ध हो काज सभी सिद्ध हो काज सभी,

विनती है माँ इतनी विनती है माँ इतनी,

मनोरथ पूरण हो जाए मनोरथ पूरण हो जाए,

माँ लक्ष्मी मेरे घर मे माँ लक्ष्मी मेरे घर मे,

कृपा तेरी जो हो जाए कृपा तेरी जो हो जाए,

माँ लक्ष्मी मेरे घर मे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।