माँ वैभव लक्ष्मी आरती

पारंपरिक
माता दुर्गा आरती दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ॐ वैभव लक्ष्मी माता,

मैया वैभव लक्ष्मी माता,

भक्तों के हितकारिनी,

भक्तों के हितकारिनी,

सुख वैभव दाता,

ॐ वैभव लक्ष्मी माता ||

ॐ वैभव लक्ष्मी माता,

मैया वैभव लक्ष्मी माता,

भक्तों के हितकारिनी,

भक्तों के हितकारिनी,

सुख वैभव दाता,

ॐ वैभव लक्ष्मी माता ||

लक्ष्मी माँ का नाम जो लेता,

सुख सम्पति पाता,

मैया सुख सम्पति पाता,

दुःख दरिद्र मिटता,

दुःख दरिद्र मिटता,

बांछित फल पाता,

ॐ वैभव लक्ष्मी माता,

ॐ वैभव लक्ष्मी माता

मैया वैभव लक्ष्मी माता

भक्तों के हितकारिनी

भक्तों के हितकारिनी

सुख वैभव दाता

ॐ वैभव लक्ष्मी माता ||

लक्ष्मी माता तू जग माता,

जग पालक रानी,

मैया जग पालक रानी,

हाथ जोड़ गुण गाते,

हाथ जोड़ गुण गाते,

जग के सब प्राणी,

ॐ वैभव लक्ष्मी माता,

ॐ वैभव लक्ष्मी माता,

मैया वैभव लक्ष्मी माता,

भक्तों के हितकारिनी,

भक्तों के हितकारिनी,

सुख वैभव दाता,

ॐ वैभव लक्ष्मी माता ||

हे माँ तेरी शरण जो आता,

तेरी भक्ति पाता,

मैया तेरी भक्ति पाता,

माँ तेरी ममता पा के,

माँ तेरी ममता पा के,

अंत स्वर्ग जाता,

ॐ वैभव लक्ष्मी माता,

ॐ वैभव लक्ष्मी माता,

मैया वैभव लक्ष्मी माता,

भक्तों के हितकारिनी,

भक्तों के हितकारिनी,

सुख वैभव दाता,

ॐ वैभव लक्ष्मी माता.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।