लिखने वाले लिख लिख हारे शिव की अमर कहानी

रविन्द्र जैन
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज – लिखने वाले ने लिख डाले

लिखने वाले लिख लिख हारे,

शिव की अमर कहानी,

रीझे तो सुर असुर ना देखे,

ऐसे औघड़ दानी, सदाशिव,

रीझे तो सुर असुर ना देखे,

ऐसे औघड़ दानी,

सच कहते है अधिक ही भोले,

सच कहते है अधिक ही भोले,

तुम्हरे नाथ भवानी, भवानी,

रीझे तो सुर असुर ना देखे,

ऐसे औघड़ दानी.......

भस्मासुर पर कृपा लुटाई,

अपनी विपदा आप बुलाई,

हरी ने हर की रक्षा की तब,

हरी ने हर की रक्षा की तब,

बनकर नारी सुहानी, सुहानी,

रीझे तो सुर असुर ना देखे,

ऐसे औघड़ दानी, सदाशिव,

रीझे तो सुर असुर ना देखे,

ऐसे औघड़ दानी......

सिंधु से निकला गरल पचाया,

श्रष्टि को जलने से बचाया,

भूतनाथ पर उपकारी को,

भूतनाथ पर उपकारी को,

प्यारा है हर प्राणी,

रीझे तो सुर असुर ना देखे,

ऐसे औघड़ दानी, सदाशिव,

रीझे तो सुर असुर ना देखे,

ऐसे औघड़ दानी.......

शिवजी को जल बहुत सुहाए,

फिरते है गंगा सिर पे उठाए,

जो मांगो वरदान में दे दे,

जो मांगो वरदान में दे दे,

पा लुटिया भर पानी,

रीझे तो सुर असुर ना देखे,

ऐसे औघड़ दानी, सदाशिव,

रीझे तो सुर असुर ना देखे,

ऐसे औघड़ दानी.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।