मेरे श्याम आएंगे अबकी बार सावन में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पंछियों की आवाजे गूंजती है आंगन में,

मेरे श्याम आएंगे अबकी बार सावन में......

एक दुसरे का दुःख बाटता नही कोई,

सब यहाँ पे उलझे है अपनी अपनी उलझन में,

मेरे श्याम आएंगे अबकी बार सावन में,

पंछियों की आवाजे गूंजती है आंगन में......

जान से भी बढ़कर है उसको कैसे भुलू मै,

वो बसा है इस दिल की एक एक धड़कन में,

मेरे श्याम आएंगे अबकी बार सावन में,

पंछियों की आवाजे गूंजती है आंगन में......

जिस्म क्या जवानी क्या जिंदगी लुटा देंगे,

कोई हम को बांधे तो चाहतो के बंधन में,

मेरे श्याम आएंगे अबकी बार सावन में,

पंछियों की आवाजे गूंजती है आंगन में......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।