ग्यारस व्रत बड़ो फलदाई रामा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ग्यारस व्रत बड़ो फलदाई रामा,

कर लेओ व्रत बढ़ो सुखदाई रामा,

ग्यारस व्रत बड़ों फलदाई राम.......

जिस घर में धर्म नहीं सुख सैयम रामा,

उसे घर कैसे आएंगे मुरारी आवेगे गिरधारी,

आएंगे बनवारी,

ग्यारस व्रत बड़ो सुखदाई रामा......

जिस धर्म में धर्म सुख संयम रामा,

उसे घर नित उठ आएंगे मुरारी आएंगे गिरधारी,

आएंगे बनवारी,

ग्यारस व्रत बड़ो सुखदाई रामा......

मेरे ही अंगना में गंगा बहती है रामा,

नहाने को निस दिन आएंगे मुरारी आएंगे गिरधारी,

आएंगे बनवारी,

ग्यारस व्रत बड़ो सुखदाई रामा......

मेरे ही अंगना में तुलसा का बिडला रामा,

सीचन को निस दिन आएंगे मुरारी आएंगे गिरधारी,

आएंगे बनवारी,

ग्यारस व्रत बड़ो सुखदाई रामा......

मेरे री अंगना में शिव जी का मंदिर रामा,

पूजा करन को आएंगे मुरारी आएगे गिरधारी,

आएंगे बनवारी,

ग्यारस व्रत बड़ो सुखदाई रामा......

मेरे अंगना में राम रसोई रामा,

भोग लगाने को आएंगे मुरारी आएंगे गिरधारी,

आएंगे बनवारी,

ग्यारस व्रत बड़ो सुखदाई रामा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।