बोलो राम सिया राम सिया राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम सिया राम सिया राम सिया राम,

बोलो राम सिया राम सिया राम,

राम सिया राम सिया राम सिया राम,

बोलो राम सिया राम सिया राम.....

मेरे मन मंदिर में जबसे सीता राम पधारे,

मेरे मन मंदिर में जबसे सीता राम पधारे,

टूट गये है तबसे बंधन इस दुनिया के सारे,

बोलो राम सिया राम सिया राम सिया राम,

बोलो राम सिया राम सिया राम,

राम सिया राम सिया राम सिया राम,

बोलो राम सिया राम सिया राम......

रोम रोम सिया राम नाम की फेर रहा है माला,

बूँद बूँद कर छलक उठा है भक्ति रस का प्याला,

ओ रोम रोम सिया राम नाम की फेर रहा है माला,

बूँद बूँद कर छलक उठा है भक्ति रस का प्याला,

दर्शन देते सिया रामजी निसदिन सांझ सकारे,

दर्शन देते सिया रामजी निसदिन सांझ सकारे,

टूट गये है तबसे बंधन इस दुनिया के सारे,

बोलो राम सिया राम सिया राम सिया राम.......

बोलो राम सिया राम सिया राम,

राम सिया राम सिया राम सिया राम,

बोलो राम सिया राम सिया राम......

अंग अंग में ज्ञान का दीपक प्रभु ने ही प्रकटाया,

तन को अवधपुरी के जैसा पावन धाम बनाया,

ओ अंग अंग में ज्ञान का दीपक प्रभु ने ही प्रकटाया,

तन को अवधपुरी के जैसा पावन धाम बनाया,

अपनी शरण में लेके प्रभु ने मेरे भाग्य संवारे,

अपनी शरण में लेके प्रभु ने मेरे भाग्य संवारे,

टूट गये है तबसे बंधन इस दुनिया के सारे,

बोलो राम सिया राम सिया राम सिया राम.....

बोलो राम सिया राम सिया राम,

राम सिया राम सिया राम सिया राम,

बोलो राम सिया राम सिया राम.....

हर धड़कन के संग बजाकर साँसों का इक तारा,

राम नाम गुण गाता फिरता प्राण का ये बंजारा,

ओ हर धड़कन के संग बजाकर साँसों का इक तारा,

राम नाम गुण गाता फिरता प्राण का ये बंजारा,

असमन की सरयू जल धारा प्रभु के चरण पखारे,

असमन की सरयू जल धारा प्रभु के चरण पखारे,

टूट गये है तबसे बंधन इस दुनिया के सारे,

बोलो राम सिया राम सिया राम सिया राम.......

बोलो राम सिया राम सिया राम,

राम सिया राम सिया राम सिया राम,

बोलो राम सिया राम सिया राम......

ओ मेरे मन मंदिर में जबसे सीता राम पधारे,

मेरे मन मंदिर में जबसे सीता राम पधारे,

टूट गये है तबसे बंधन इस दुनिया के सारे,

बोलो राम सिया राम सिया राम सिया राम,

बोलो राम सिया राम सिया राम.....

राम सिया राम सिया राम सिया राम,

बोलो राम सिया राम सिया राम,

राम सिया राम सिया राम सिया राम,

बोलो राम सिया राम सिया राम,

राम सिया राम सिया राम सिया राम,

बोलो राम सिया राम सिया राम......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।