जहाँ बिराजे शीश के दानी मेरे बाबा श्याम

पारंपरिक
महादेव भजन खाटू श्याम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जहाँ बिराजे शीश के दानी,

मेरे बाबा श्याम,

दीवाने मुझे ले चल खाटु धाम,

दीवाने मुझे ले चल खाटु धाम......

तन मन धन सब इनके अर्पण,

जीवन भी है इनको समर्पण,

मन मंदिर में छवि निरखु मैं,

मन मंदिर में छवि निरखु मैं,

इनकी आठों याम,

दीवाने मुझे ले चल खाटु धाम,

दीवाने मुझे ले चल खाटु धाम.......

श्याम हमारे भोले भाले,

अपने भक्तो के रखवाले,

ऐसे देव दयालु के मेरे,

ऐसे देव दयालु के मेरे,

चरणों में परणाम,

दीवाने मुझे ले चल खाटु धाम,

दीवाने मुझे ले चल खाटु धाम.......

श्याम भरोसा श्याम सहारा,

जीवन नाव का खेवनहारा,

चौखट पर बस टेक लो माथा,

चौखट पर बस टेक लो माथा,

बनेंगे बिगड़े काम,

दीवाने मुझे ले चल खाटु धाम,

दीवाने मुझे ले चल खाटु धाम......

श्याम वरण पर घोरे मनके,

दानी है महाभारत रण के,

श्याम प्रभु जीवन धन मेरे,

श्याम प्रभु जीवन धन मेरे,

आन बान और शान,

दीवाने मुझे ले चल खाटु धाम,

दीवाने मुझे ले चल खाटु धाम........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।