हो रही जय जयकार श्याम तेरे मंदिर में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हो रही जय जयकार,

श्याम तेरे मंदिर में,

मंदिर में श्याम मंदिर में,

मंदिर में श्याम मंदिर में,

उड़ रही लाल गुलाल,

श्याम तेरे मंदिर में,

हो रही जय जयकार,

श्याम तेरे मंदिर में......

खाटू नगर में आप विराजो,

खाटू नगर में आप विराजो,

महिमा अति है अपार,

श्याम तेरे मंदिर में,

हों रही जय जयकार,

श्याम तेरे मंदिर में......

ऊँचा शिखर बना मंदिर का,

ऊँचा शिखर बना मंदिर का,

ध्वजा रही फहराए,

श्याम तेरे मंदिर में,

हों रही जय जयकार,

श्याम तेरे मंदिर में......

रत्न जड़ित सिंघासन बैठे,

रत्न जड़ित सिंघासन बैठे,

ऊपर छतर हज़ार,

श्याम तेरे मंदिर में,

हों रही जय जयकार,

श्याम तेरे मंदिर में......

शंख मृदंग नगाड़ा बाजे,

शंख मृदंग नगाड़ा बाजे,

झांझर की झंकार,

श्याम तेरे मंदिर में,

हों रही जय जयकार,

श्याम तेरे मंदिर में.......

ये सब भक्त शरण आए है,

ये सब भक्त शरण आए है,

कर दो बेडा पार,

श्याम तेरे मंदिर में,

हों रही जय जयकार,

श्याम तेरे मंदिर में.......

श्याम बहादुर कवे श्याम से,

श्याम बहादुर कवे श्याम से,

हर लो प्रभु उबार,

श्याम तेरे मंदिर में,

हों रही जय जयकार,

श्याम तेरे मंदिर में.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।