जबसे श्याम गलियों में यूँ मिल गए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जबसे श्याम गलियों में,

यूँ मिल गए,

तो जिंदगी के मायने,

बदल गए,

तो जिंदगी के मायने,

बदल गए.......

धीरे से करीब मेरे आए,

बांसुरी से घूंघट उठाए,

टुकड़े टुकड़े मटकी के,

वो कर गए,

तो जिंदगी के मायने,

बदल गए,

तो जिंदगी के मायने,

बदल गए......

पास मेरे आकर वो बोले,

राधे क्यों नजरिया,

ना खोले,

लाज से नजरिया ना खोलूं,

नाही छेड़ कान्हा ना बोलूं,

भिखारन को ब्रज की,

रानी कर गए,

तो जिंदगी के मायने,

बदल गए,

तो जिंदगी के मायने,

बदल गए.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।