राम राम राम नाम सत्य है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम राम राम नाम सत्य है,

राम राम राम नाम सत्य है,

राम राम राम नाम सत्य है,

राम राम राम नाम सत्य है.....

गंगा किनारे जाणा,

गंगा किनारे जाणा ||

राम राम राम नाम सत्य है,

राम राम राम नाम सत्य है,

राम राम राम नाम सत्य है,

राम राम राम नाम सत्य है.....

गंगा किनारे जाणा,

गंगा किनारे जाणा ||

क्या लाया था जगत में,

क्या लाया था जगत में,

जो तूने ले जाणा,

गंगा किनारे जाणा,

गंगा किनारे जाणा ||

ये जीवन तेरा,

कागज की पुड़िया,

ये जीवन तेरा,

कागज की पुड़िया,

हवा लगे उड़ जाणा,

मन हवा लगे उड़ जाणा,

गंगा किनारे जाणा,

गंगा किनारे जाणा ||

क्या लाया था जगत में,

क्या लाया था जगत में,

जो तूने ले जाणा,

गंगा किनारे जाणा,

गंगा किनारे जाणा ||

माला फेरत जुग भया,

फिरा न मन का फेर,

कर का मन का टार दे,

मन का मन का फेर ||

ये जीवन तेरा,

रोटी का इक टुकड़ा,

ये जीवन तेरा,

रोटी का इक टुकड़ा,

ना मिले मर जाणा,

मन गंगा किनारे,

चल जाणा,

गंगा किनारे जाणा,

गंगा किनारे जाणा ||

क्या लाया था जगत में,

क्या लाया था जगत में,

जो तूने ले जाणा,

गंगा किनारे जाणा,

गंगा किनारे जाणा ||

मल मल के तन धोया,

धोया कभी मन नहीं,

मल मल के तन धोया,

धोया कभी मन नहीं,

गंगा मैया जी,

तेरा तन धोती है,

धोती कभी मन नहीं ||

गंगा किनारे जाणा,

गंगा किनारे जाणा ||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।