धोली छतरिया में बैठया री भोलानाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

धोली छतरिया में बैठया री भोलानाथ,

पेड्या पे गोरा पार्वती,

पार्वती रे गोरा पार्वती,

पार्वती रे गोरा पार्वती,

धोली छतरिया मे बैठया भोलानाथ,

पेड्या पे गोरा पार्वती......

स्यालो लाया री भोला नाथ,

ओडेगी गोरा पार्वती,

पार्वती रे गोरा पार्वती,

पार्वती रे गोरा पार्वती,

धोली छतरिया मे बैठया भोलानाथ,

पेड्या पे गोरा पार्वती......

झुमक्या लाया री भोलानाथ,

पेरेगी गोरा पार्वती,

पार्वती रे गोरा पार्वती,

पार्वती रे गोरा पार्वती,

धोली छतरिया मे बैठया भोलानाथ,

पेड्या पे गोरा पार्वती......

गजरा लाया री भोलानाथ,

बान्देगी गोरा पार्वती,

पार्वती रे गोरा पार्वती,

पार्वती रे गोरा पार्वती,

धोली छतरिया मे बैठया भोलानाथ,

पेड्या पे गोरा पार्वती.....

पायल लाया री भोलानाथ,

पहने गी गोरा पार्वती,

पार्वती रे गोरा पार्वती,

पार्वती रे गोरा पार्वती,

धोली छतरिया मे बैठया भोलानाथ,

पेड्या पे गोरा पार्वती......

महिमा गावे रे निर्मल आज,

नैया ने वाकी पार करी,

पार करी रे नैया पार करि,

पार करी रे नैया पार करि,

धोली छतरिया मे बैठया भोलानाथ,

पेड्या पे गोरा पार्वती.......

धोली छतरिया में बैठया री भोलानाथ,

पेड्या पे गोरा पार्वती,

पार्वती रे गोरा पार्वती,

पार्वती रे गोरा पार्वती,

धोली छतरिया मे बैठया भोलानाथ,

पेड्या पे गोरा पार्वती.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।