इस पापी युग में कोई नहीं गौमाता का रखवाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज – जहाँ डाल डाल पर

इस पापी युग में कोई नहीं,

गौमाता का रखवाला,

हे गोविंदा गोपाला,

हे गोविंदा गोपाला......

जो सबको दूध पिलाती,

उसका ही खून बहाया,

गौ माँ, गौ माँ, गौ माँ, गौ माँ,

धिक्कार है उसको जिसने,

गौ का मांस नोच कर खाया,

गौ का मांस नोचकर खाया,

जो सबको जीवन देती है,

उसका ही वध कर डाला,

हे गोविंदा गोपाला,

हे गोविंदा गोपाला......

अब गली गली में फ़ैल रहे,

गौ माता के हत्यारे,

गौ माँ, गौ माँ, गौ माँ, गौ माँ,

हे कान्हा कान लगाकर सुनलो,

गौ माँ तुझे पुकारे,

ये गौ माँ तुझे पुकारे,

है तेरे बिना अब कौन भला,

अब मेरी सुनने वाला,

हे गोविंदा गोपाला,

हे गोविंदा गोपाला......

हे नन्द बाबा की आन तुम्हे,

सौगंध जशोदा माँ की,

गौ माँ, गौ माँ, गौ माँ, गौ माँ,

परित्राण करो गौधन का फिर से,

सजो मनोहर झांकी,

सजो मनोहर झांकी,

गौ हत्यारो का दमन करो या,

दे दो देश निकाला,

हे गोविंदा गोपाला,

हे गोविंदा गोपाला......

श्री गीता जी में वचन दिया है,

उसको आज निभाओ,

गौ माँ, गौ माँ, गौ माँ, गौ माँ,

बंसी तोड़ो रास भी छोड़ो,

हाथ में चक्र उठाओ,

प्रभु हाथ में चक्र उठाओ,

वरना ना रहेगा कोई,

प्रभु तुझको भजने वाला,

हे गोविंदा गोपाला,

हे गोविंदा गोपाला......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।