बाजी बाजी रे बांसुरी मनमोहन की बाजी

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाजी बाजी रे बांसुरी,

मनमोहन की बाजी,

बाजी बांसुरी की तान,

सखियां भई हैरान,

भागी यमुना तट को भागी,

बाजी बाजी रे बाँसुरी,

मनमोहन की बाजी,

बाजी बाजी रे बांसुरी......

खिली चांदनी शरद रैन की,

श्री यमुना जी के तीरे,

श्री यमुना जी के तीरे,

श्री यमुना जी के तीरे,

कर में मुरली चरणन नूपुर,

बाजत धीरे-धीरे,

बाजत धीरे-धीरे,

बाजत धीरे-धीरे,

ईत मोर मुकुट उत,

शीश चंद्रिका साजे,

बाजी बांसुरी की तान,

सखियां भई हैरान भागी,

यमुना तट को भागी,

बाजी बाजी रे बाँसुरी,

मनमोहन की बाजी,

बाजी बाजी रे बांसुरी......

श्री वृंदावन रस भूमि में,

रास रचो अति भारी,

रास रचो अति भारी,

रास रचो अति भारी,

ठुमक ठुमकना यह प्रिया प्रीतम,

जाए सखी बलिहारी,

जाये सखी बलिहारी,

जाये सखी बलिहारी,

कुंज कुंजन में सखियां,

प्रीतम के संग राजी,

बाजी बांसुरी की तान,

सखियां भई हैरान भागी,

यमुना तट को भागी,

बाजी बाजी रे बाँसुरी,

मनमोहन की बाजी,

बाजी बाजी रे बांसुरी.......

पागल भाई सब सखि सहचरी,

प्रेम रंग रस बरसे,

प्रेम रंग रस बरसे,

प्रेम रंग रस बरसे,

निरख निरख अद कुदरस लीला,

चित्र विचित्र मन हरषे,

चित्र विचित्र मन हरषे,

चित्र विचित्र मन हरषे,

प्रिया प्रीतम की दिव्य छवि,

हृदय बीच विराजी,

बाजी बांसुरी की तान,

सखियां भई हैरान भागी,

यमुना तट को भागी,

बाजी बाजी रे बाँसुरी,

मनमोहन की बाजी,

बाजी बाजी रे बांसुरी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।