नदिया रा नीर सांवरा रोक ने बतावा

मीरा बाई
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

नदिया रा नीर सांवरा रोक ने बतावा,

म्हारे नैना मायलो नीर रुकेला नही रे,

म्हारा बिछडियोला रामजी मिलेला कही रे,

म्हारा बिछडियोला रामजी मिलेला कही रे.......

हाथसु लिखियोड़ा कागज वाच ने वताव,

कर्म री रेखा वाची जावे नाहीं रे,

म्हारा बिछडियोला रामजी मिलेला कही रे,

म्हारा बिछडियोला रामजी मिलेला कही रे.......

बेटा तो जुग में घनेरा देखिया,

लाला श्रवण री होड़ करेला नाही रे,

म्हारा बिछडियोला रामजी मिलेला कही रे,

म्हारा बिछडियोला रामजी मिलेला कही रे.......

भाई तो जुग में सांवरा घणा ही हुया,

भाई भरत री होड़ करेला नाही रे,

म्हारा बिछडियोला रामजी मिलेला कही रे,

म्हारा बिछडियोला रामजी मिलेला कही रे.......

धर्म री बैन ने तू कर ने बताव,

जामन जाई री होड़ करेला नही रे,

म्हारा बिछडियोला रामजी मिलेला कही रे,

म्हारा बिछडियोला रामजी मिलेला कही रे......

बाया तो जुग में घनेरी देखी,

बाई मीरा री होड़ करेला नाही रे,

म्हारा बिछडियोला रामजी मिलेला कही रे,

म्हारा बिछडियोला रामजी मिलेला कही रे.......

नदिया रा नीर सांवरा रोक ने बतावा,

म्हारे नैना मायलो नीर रुकेला नही रे,

म्हारा बिछडियोला रामजी मिलेला कही रे,

म्हारा बिछडियोला रामजी मिलेला कही रे.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।