उठ परदेसी तेरा वक्त हो गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

उठ परदेसी तेरा वक्त हो गया,

अभी तो जगाया तुझे फिर सो गया,

उठ परदेसी तेरा वक्त हों गया,

उठ परदेसी तेरा वक्त हो गया......

हम परदेसियों की यही है निशानी,

आए और चले गए ख़तम कहानी,

आए और चले गए ख़तम कहानी,

कोई गया हसते हसते कोई रो गया,

उठ परदेसी तेरा वक्त हों गया,

उठ परदेसी तेरा वक्त हो गया......

बार बार पहले भी आया है जहाँ में,

देख आँखे खोल तेरा ध्यान है कहाँ पर,

देख आँखे खोल तेरा ध्यान है कहाँ पर,

अनमोल जीवन तेरा व्यर्थ हो गया,

उठ परदेसी तेरा वक्त हों गया,

उठ परदेसी तेरा वक्त हो गया.......

सारे रिश्ते नाते तेरे यहीं रह जाएंगे,

हिरे और मोती तेरे काम नहीं आएँगे,

हिरे और मोती तेरे काम नहीं आएँगे,

बोझ पाप वाला क्यों यूँ व्यर्थ ढो रहा,

उठ परदेसी तेरा वक्त हों गया,

उठ परदेसी तेरा वक्त हो गया.......

इस दुनिया में तेरा अपना नहीं है,

यहाँ परदेसी कोई ठहरा नहीं है,

यहाँ परदेसी कोई ठहरा नहीं है,

वापस ना आया एक बार जो गया,

उठ परदेसी तेरा वक्त हों गया,

उठ परदेसी तेरा वक्त हो गया.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।