नींद ना आये रे चैन ना आये रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नींद ना आये रे चैन ना आये रे,

जीवन सारा बिता जाये,

श्याम न आये रे,

पल पल जाये छिन छिन जाये,

पल पल जाये छिन छिन जाये,

कैसे करूँ मैं हाये,

नींद न आये रे,

चैन न आये रे,

जीवन सारा बिता जाये,

श्याम न आये रे.......

तेरे बिन कई बीती रे सदिया,

आजा प्राण प्यारे,

तडपत ही दिन रेन गुजारूं,

नैनन भये पना रे,

थके नहीं दिन रेन तेरे बिन,

सारी रात जगाये,

नींद न आये रे,

चैन न आये रे......

श्याम सलोनी साँवरी सूरत,

ने क्या जादू किया,

तुझसे मिलने को मन मोहन,

तड़प तड़प के जिया,

मोहन तडफ तडफ के जिया,

एक झलक दिखा जा अब तो,

दिल मेरा घबराये,

नींद न आये रे,

चैन न आये रे......

जीवन में बस एक तमन्ना,

एक बार तो आजा,

लगी विरह की प्यास बुझा जा,

नैनन बिच समा जा,

प्यारे नैन बीच समा जा,

पल पल याद सताये तेरी,

दिल मेरा घबराये,

नींद न आये रे,

चैन न आये रे.......

ढूंढ ढूंढ कर हार थका मैं,

पैरो पड़ गये छाले,

मुझ जैसे पागल को अब तो,

आकर गले लगा ले,

प्यारे आकर गले लगा ले,

दर्द को क्या जाने ये दुनिया,

वाले हँसी उडाये,

नींद न आये रे,

चैन न आये रे......

नींद ना आये रे चैन ना आये रे,

जीवन सारा बिता जाये,

श्याम न आये रे,

पल पल जाये छिन छिन जाये,

पल पल जाये छिन छिन जाये,

कैसे करूँ मैं हाये,

नींद न आये रे,

चैन न आये रे,

जीवन सारा बिता जाये,

श्याम न आये रे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।