हार के भी जो ना हारे जीतकर वो जायेगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज – रोते हुए आते है सब

हार के भी जो ना हारे,

जीतकर वो जायेगा,

जिसको भरोसा सांवरे का,

जिसको भरोसा सांवरे का,

श्याम सहारा वो पायेगा,

हार के भी जो ना हारें,

जीतकर वो जायेगा......

जिन्दगी में खुशियां आती,

गम भी आते राहो में,

सिने में विश्वास हो जिनके,

मौत को भरले बाहों में,

काल भी उनका कुछ ना बिगाड़े,

श्याम शरण जो पायेगा,

जिसको भरोसा सांवरे का,

जिसको भरोसा सांवरे का,

श्याम सहारा वो पायेगा,

हार के भी जो ना हारें,

जीतकर वो जायेगा.......

वक्त बड़ा बलवान है माना,

पल पल रंग बदलता है,

पर प्रेमी संग सांवरे का,

लीला घोडा चलता है,

कैसे भी हालात हो चाहे,

पार वो सबसे पा जायेगा,

जिसको भरोसा सांवरे का,

जिसको भरोसा सांवरे का,

श्याम सहारा वो पायेगा,

हार के भी जो ना हारें,

जीतकर वो जायेगा.......

सौंप दे नैया श्याम को तेरी,

फिर तुफानो से कह दे,

हिम्मत है गर रस्ता मेरा,

रोक कर तो देख ले,

माझी मेरा जब कन्हैया,

रस्ता भी मिल जायेगा,

जिसको भरोसा सांवरे का,

जिसको भरोसा सांवरे का,

श्याम सहारा वो पायेगा,

हार के भी जो ना हारें,

जीतकर वो जायेगा.......

हमने देखा है इस दर पे,

आए कितने चले गये,

खुद को सिकन्दर जो समझते,

मुट्ठी में ले खाक गये,

निर्मल मन से जो झुकेगा,

श्याम को वो पायेगा,

जिसको भरोसा सांवरे का,

जिसको भरोसा सांवरे का,

श्याम सहारा वो पायेगा,

हार के भी जो ना हारें,

जीतकर वो जायेगा.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।