बाबा नन्द के लाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा नन्द के लाल,

मैं वारि वारि वारि जावा,

जय जय मदन गोपाल,

मैं वारि वारि वारि जावा.......

तू ही दाता तू ही विधाता,

तू ही सबके भाग्य बनाता,

तू ही पूर्ण भगवान,

मैं वारि वारि वारि जावा,

जय जय मदन गोपाल,

मैं वारि वारि वारि जावा.......

तू ही रुलाता तू ही हंसाता,

तू ही सबकी लाज बचाता,

तू ही पालनहार,

मैं वारि वारि वारि जावा,

जय जय मदन गोपाल,

मैं वारि वारि वारि जावा......

तू ही नैया तू ही किनारा,

तू ही सबका तारणहारा,

कर दे भव से पार,

मैं वारि वारि वारि जावा,

जय जय मदन गोपाल,

मैं वारि वारि वारि जावा......

बाबा नन्द के लाल,

मैं वारि वारि वारि जावा,

जय जय मदन गोपाल,

मैं वारि वारि वारि जावा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।