मीठी बंसी बजावे म्हारो श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नन्द को गोपाल,

माता यशोदा को लाल,

प्यारो सवरियो सरकार,

वृंदावन में आज,

मीठी बंसी बजावे म्हारो श्याम,

मीठी बंसी बजावे म्हारो श्याम......

घर घर होवे पूजा थारी,

गांव गांव जस गावे जी,

जो कोई लेवे नाम श्याम को,

मन इच्छा फल पावे जी,

हे नन्द का लाल थारी,

पेड़ी पे ढोक लगावा,

थारी ज्योत जगावा,

नन्द को गोपाल,

माता यशोदा को लाल,

प्यारो सवरियो सरकार,

वृंदावन में आज,

मीठी बंसी बजावे महारों श्याम,

मीठी बंसी बजावे म्हारो श्याम ||

गोकुल मथुरा वृंदावन में,

रास रचे गोपाल जी,

नटवर नागर गिरधर नागर,

मीरा को घनश्याम जी,

हे सांवरा श्याम थारा,

कीर्तन में झूम झूम गावा,

जय जयकार लगावा,

नन्द को गोपाल,

माता यशोदा को लाल,

प्यारो सवरियो सरकार,

वृंदावन में आज,

मीठी बंसी बजावे महारों श्याम,

मीठी बंसी बजावे म्हारो श्याम......

दास करे अरदास साँवरीया,

कर दो बेडा पार जी,

दे दो दरशन बाबा मुझको,

आया थारे द्वार जी,

हे नन्द का लाल थारी,

महिमा है अपरम्पारि,

गावे है नर नारी,

नन्द को गोपाल,

माता यशोदा को लाल,

प्यारो सवरियो सरकार,

वृंदावन में आज,

मीठी बंसी बजावे महारों श्याम,

मीठी बंसी बजावे म्हारो श्याम.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।