ओजी बालाजी थे अर्जी म्हारी सुण लो जी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

ओजी बालाजी थे अर्जी म्हारी सुण लो जी,

भक्ता रा बुलाया बेगा आवज्यो महाराज॥

ओजी बालाजी थे अंजनि मां का लाला जी,

संता का बुलाया बेगा आवज्यो महाराज॥

ओजी....

ओजी बालाजी थे मेहंदीपुर बिराज्या जी,

संता का बुलाया बेगा आवज्यो महाराज॥

ओजी....

ओजी बालाजी थांके दुखिया द्वार पर आवे जी,

दुखिया का दुःख काटण बेगा आवज्यो महाराज॥

ओजी...

ओजी बालाजी यो चम्पा लाल यश गावे जी,

दुबतड़ी नैया ने बेगी तारज्यो महाराज॥

ओजी.....

प्रजापति म्यूजिकल ग्रुप भीलवाड़ा (राज.) 89479-15979

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।