मेरे बाबा ज्योत पे आजा

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मेरे बाबा ज्योत पे आजा,

चाहे आज्या बाबा खड़ा खड़ा,

चाहे आज्या बाबा खड़ा खड़ा......

भक्तां ने ज्योत जगाई,

भक्तां ने ज्योत जगाई,

दर्शन की आस लगाई,

चाहे दर्शन देदे खड़ा खड़ा,

मेरे बाबा ज्योत पे आज्या,

चाहे आज्या बाबा खड़ा खड़ा......

तेरे दर पे दुनिया आवे,

तेरे दर पे दुनिया आवे,

चरणां में शीश झुकावे,

तेरी भक्ती का रंग खुब चढ़ा,

मेरे बाबा ज्योत पे आज्या,

चाहे आज्या बाबा खड़ा खड़ा......

यो संकट मन्नै सतावे,

यो संकट मन्नै सतावे,

मेरी कुछ ना पार बसावे,

यो संकट बैरी आण अड़ा,

मेरे बाबा ज्योत पे आज्या,

चाहे आज्या बाबा खड़ा खड़ा......

‘रमेश नांगलिया’ आया,

‘रमेश नांगलिया’ आया,

इन्ने सच्चा ध्यान लगाया,

यो तेरे चरणां मे आण पड़ा,

मेरे बाबा ज्योत पे आज्या,

चाहे आज्या बाबा खड़ा खड़ा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।