करुणानिधान रउवाँ जगत के दाता हईं

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

अरे, करुणा निधान रउँवा,

जगत के दाता हई,

करूँणा निधान रउँवा,

जगत के दाता हई,

श्री भगवान रउवा,

जगत के दाता हई.......

मती के फेर देनी,

विपत के टेर देनी

के बा समान रउँवा,

जगत के दाता हई,

करूँणा निधान रउँवा,

जगत के दाता हई,

श्री भगवान रउवा,

जगत के दाता हई......

ग्राह के मार दिहनि,

गज के उबार लिहनी,

ग्राह के मार देहनी,

गज के उबार लेहनी,

जाने जहान जगत के दाता हई,

जगत के दाता हई,

करूँणा निधान रउँवा,

जगत के दाता हई,

श्री भगवान रउवा,

जगत के दाता हई......

भक्त विदुर घर गयीनी,

प्रेम से सगवे खयीनी,

छोड़ के पकवान रउवा,

जगत के दाता हई,

करूँणा निधान रउँवा,

जगत के दाता हई,

श्री भगवान रउवा,

जगत के दाता हई......

केवट से चरण धोवावनी,

गीधपति हीए लगवनी,

जाने जहाँन रउवा,

जगत के दाता हई,

करूँणा निधान रउँवा,

जगत के दाता हई,

श्री भगवान रउवा,

जगत के दाता हई......

मैयां शबरी घर गईनी,

झूठे बेरन के खईनी,

करके बखान रउवा,

जगत के दाता हई,

करुणा निधान रउवा,

जगत के दाता हई,

करूँणा निधान रउँवा,

जगत के दाता हई,

श्री भगवान रउवा,

जगत के दाता हई.......

गावेले ले दास गायत्री,

खीच के तीन गो चिक्री,

कईनी बुद्धिमान रउवा,

जगत के दाता हई,

करूँणा निधान रउँवा,

जगत के दाता हई,

श्री भगवान रउवा,

जगत के दाता हई......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।