जागो सरस्वती गणेश मनाए

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जागो सरस्वती गणेश मनाए,

गणेश मनाए सर्व सुखः पाए,

हो जागो, सरस्वती गणेश मनाए,

गणपति लाडला माँ गौरा का,

शिव भोले का है वरदान,

इसको ध्याने से जग वालो, होता है कल्याण,

हो जागो सरस्वती....

त्वमेव माता च पिता त्वमेव त्वमेव बन्धु च सखा त्वमेव

त्वमेव विद्या च द्रविणम त्वमेव त्वमेव सर्वम मम देव देव

जय देव जय देव जय देव जय देव

रिद्धि सिद्धि नव निधि के दाता..

तुम हो सबके भाग्य विधाता

मूसे की असवारी तेरी, अज़ब निराला वेश

हो जागो, सरस्वती...

कलातीत कल्याण कल्पांतकारी सदा सज्जनानन्ददाता पुरारी

जय देव जय देव जय देव जय देव

चिदानंद सन्दोह मोहापहारी प्रसीद प्रसीद प्रभु मन्मथारी

जय देव जय देव जय देव जय देव

राग गान कर तुम्हें मनाऊँ,

आशीर्वाद तुम्हारा पाऊँ,

बीच सभा मे हे गजराजन मोरी राखियों लाज हमेश

हो जागो सरस्वती..

त्वमेव माता च पिता त्वमेव त्वमेव बन्धु च सखा त्वमेव

जय देव जय देव जय देव जय देव

त्वमेव विद्या च द्रविणम त्वमेव त्वमेव सर्वम मम देव देव

जय देव जय देव जय देव जय देव

कलातीत कल्याण कल्पांतकारी सदा सज्जनानन्ददाता पुरारी

जय देव जय देव जय देव जय देव

चिदानंद सन्दोह मोहापहारी प्रसीद प्रसीद प्रभु मन्मथारी

जय देव जय देव जय देव जय देव

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।