थाम लो ना हाथ मेरा सांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

थाम लो ना हाथ मेरा सांवरे,

हारकर दरबार तेरे आया हूँ,

जीत जाऊंगा तेरी जो हो कृपा,

मन में ये विश्वास लेकर आया हूँ,

थाम लो ना हाथ मेरा साँवरे,

हार कर दरबार तेरे आया हूँ......

बदलती रंग ये दुनिया,

प्रार्थी हूँ नसीहत का,

बदलती रंग ये दुनिया,

प्रार्थी हूँ नसीहत का,

समझ ना पा रहा हूँ मैं,

दिखावा क्या हक़ीकत क्या,

हर कदम दी ठोकरे संसार ने,

गम लिए सौगात तेरे आया हूँ,

जीत जाऊंगा तेरी जो हो कृपा,

मन में ये विश्वास लेकर आया हूँ,

थाम लो ना हाथ मेरा साँवरे,

हार कर दरबार तेरे आया हूँ......

अगर तुम ना सुनोगे तो,

बता किस दर पे जाऊंगा,

अगर तुम ना सुनोगे तो,

बता किस दर पे जाऊंगा,

भरोसा जो यहाँ टूटा तो,

मैं भी टूट जाऊंगा,

गम के हाथों से हुआ बीमार मैं,

वैध तू उपचार को मैं आया हूँ,

जीत जाऊंगा तेरी जो हो कृपा,

मन में ये विश्वास लेकर आया हूँ,

थाम लो ना हाथ मेरा साँवरे,

हार कर दरबार तेरे आया हूँ.......

दयानिधि नाम है तेरा,

दया याचक हूँ मैं बाबा,

दयानिधि नाम है तेरा,

दया याचक हूँ मैं बाबा,

सताए उलझने मुझको,

मेरा रक्षक है तू बाबा,

सौंपने पतवार गोलू श्याम को,

डूबती नैया लिए मैं आया हूँ,

जीत जाऊंगा तेरी जो हो कृपा,

मन में ये विश्वास लेकर आया हूँ,

थाम लो ना हाथ मेरा साँवरे,

हार कर दरबार तेरे आया हूँ.......

थाम लो ना हाथ मेरा सांवरे,

हारकर दरबार तेरे आया हूँ,

जीत जाऊंगा तेरी जो हो कृपा,

मन में ये विश्वास लेकर आया हूँ,

थाम लो ना हाथ मेरा साँवरे,

हार कर दरबार तेरे आया हूँ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।