बालाजी अच्छा लागे सै

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सिया राम जी के चरणों के दास बाला जी,

भक्तों के रहते सदा पास बाला जी,

श्री राम जी के दूत बड़े खास बाला जी,

तेरे दम से चले मेरी सांस बाला जी.....

तेरा सालासर दरबार, तने पूजे यो संसार,

तेरी गूंजे जय जयकार, मने अच्छा लागे सै,

माता अंजनी के लाल, तेरी कोई ना मिसाल,

तेरा चोला लाल लाल, मन्ने अच्छा लागे सै,

तेरे तन में है राम, तेरे मन में है राम,

तन्ने कहना राम-राम, मने अच्छा लागे सै......

मैं तो हो गया था बड़ा मजबूर बालाजी,

चरणों से हो गया था दूर बालाजी,

तेरे नाम का यो चढ़ गया सरूर बालाजी,

तेरी भक्ति से हो या मशहूर बालाजी,

तूने भरदी मेरी गोज, तेरी कृपा से मौज,

तेरे दर पे आना रोज, मने अच्छा लागे सै,

तेरे तन में है राम, तेरे मन में है राम,

तन्ने कहना राम-राम, मने अच्छा लागे सै......

तेरे ऊंचे ऊंचे देखूं जो निशान बाला जी,

दिल में जगे सै अरमान बाला जी,

तूने भर दी मेरी गोज तेरी कृपा से मौज,

तेरे दर पे आना रोज मने अच्छा लागे सै,

तेरे तन में है राम, तेरे मन में है राम,

तन्ने कहना राम-राम, मने अच्छा लागे सै.......

तेरे ऊंचे ऊंचे देखूं जो निशान बाला जी,

दिल में जगे सै अरमान बाला जी,

तुने जग में करी है ऊंची शान बाला जी,

देख दुनिया बड़ी है परेशान बाला जी,

नरसी धरता तेरा ध्यान, अटकी तेरे में ही जान,

मित्तल करता गुणगान, मन्ने अच्छा लगे से,

तेरे तन में है राम, तेरे मन में है राम,

तन्ने कहना राम-राम, मने अच्छा लागे सै......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।