उत्सव रच्यो है म्हारे आंगने

जया किशोरी जी
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

उत्सव रच्यो है म्हारे आंगने,

थे आजो गौरी का लाल,

कारज म्हारा सफल करो,

थे आजो गौरी का लाल,

कारज म्हारा सफल करो.....

फुलड़ा री माला ल्याया विनायक,

फुलड़ा री माला ल्याया विनायक,

अर्पण थे करो गणराज,

कारज म्हारा सफल करो,

थे आजो गौरी का लाल,

कारज म्हारा सफल करो.....

सोने री थाली में मोदक ल्याया,

सोने री थाली में मोदक ल्याया,

थे भोग लगावो गणराज,

कारज म्हारा सफल करो,

थे आजो गौरी का लाल,

कारज म्हारा सफल करो......

रिद्धि सिद्धि ने सागे ल्यायजो,

रिद्धि सिद्धि ने सागे ल्यायजो,

अन्न धन से भरो भंडार,

कारज म्हारा सफल करो,

थे आजो गौरी का लाल,

कारज म्हारा सफल करो......

उत्सव रच्यो है म्हारे आंगने,

थे आजो गौरी का लाल,

कारज म्हारा सफल करो,

थे आजो गौरी का लाल,

कारज म्हारा सफल करो.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।