छोड़ेंगे ना हम तेरा द्वार ओ बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज – छोड़ेंगे ना हम तेरा साथ

छोड़ेंगे ना हम तेरा द्वार,

ओ बाबा मरते दम तक......

( चाहे छुट जाये ज़माना,

या माल-ओ-जर छूटे,

ये महल और अटारी,

या मेरा घर छूटे,

इसीलिए तो कहता है लख्खा,

श्याम बाबा,

सब जगत छूटे,

पर आपका ना दर छूटे || )

छोड़ेंगे ना हम तेरा द्वार,

ओ बाबा मरते दम तक,

मरते दम नहीं,

अगले जनम तक,

अगले जनम नहीं,

सात जनम तक,

सात जनम नहीं,

जनम जनम तक,

छोड़ेगे ना हम तेरा द्वार,

ओ बाबा मरते दम तक......

निर्धन को धनवान बनाए,

ऐसी है तेरी माया,

ओ बाबा ऐसी है तेरी माया,

भेद तेरी शक्ति का जग में,

कोई समझ ना पाया,

ओ बाबा कोई समझ ना पाया,

दुःख के अँधेरे दूर भगाए,

आस का दीपक मन में जलाए,

नाम जपे तेरा सांस है जबतक,

छोड़ेगे ना हम तेरा द्वार,

ओ बाबा मरते दम तक.......

खाटु में प्रभु आप विराजे,

सब पर हुकुम चलाए,

ओ बाबा सब पर हुकुम चलाए,

भक्तो की लाज बचाने बाबा,

पलभर में आ जाए,

ओ बाबा पलभर में आ जाए,

निर्बल को तुम देते सहारा,

सबसे है प्यारा श्याम हमारा,

इस धरती से उस अम्बर तक,

छोड़ेगे ना हम तेरा द्वार,

ओ बाबा मरते दम तक.......

महाभारत में कृष्ण को आपने,

शीश का दान दिया है,

ओ बाबा शीश का दान दिया है,

खुश होकर के आपको कृष्ण ने,

ये वरदान दिया है,

ओ बाबा ये वरदान दिया है,

निल गगन के चाँद और तारे,

रवि की किरणे आरती उतारे,

पूजा हो तेरी दुनिया है जबतक,

छोड़ेगे ना हम तेरा द्वार,

ओ बाबा मरते दम तक........

छोड़ेगे ना हम तेरा द्वार,

ओ बाबा मरते दम तक,

मरते दम नहीं,

अगले जनम तक,

अगले जनम नहीं,

सात जनम तक,

सात जनम नहीं,

जनम जनम तक,

छोड़ेगे ना हम तेरा द्वार,

ओ बाबा मरते दम तक........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।