मैं जब जानू मेरे बालाजी

पारंपरिक
हनुमान जी चालीसा हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मैं जब जानू मेरे बालाजी,

जब होवे सगाई मेरे लाला की......

तेरे धाम पर ज्योत जलाऊंगी,

मैं बहू बेटे को लाऊंगी,

मेरे घर होवे खुशियां सारी, जब होवे सगाई मेरे लाला की......

मैं पढ़ू चालीसा दिन राती,

अब मुझको नींद नहीं आती,

तेरी जपती मैं माला जी, जब होवे सगाई मेरे लाला की......

मेरे घर में दीपक जब आवे,

अंगना में पलना डल जावे,

पोतौ को गोद खिलाऊंगी, जब होवे सगाई मेरे लाला की....

मैं घर में सत्संग कराऊंगी,

और भक्त मंडली बुलाऊगी,

हमें दरस दिखाना बालाजी, जब होवे सगाई मेरे लाला की......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।