सजा दो घर को गुलशन सा मेरे भोलेनाथ आये है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सजा दो घर को गुलशन सा,

मेरे भोलेनाथ आये है,

लगी कुटिया भी दुल्हन सी,

मेरे भोलेनाथ आये है......

पखारो इनके चरणों को,

बहाकर प्रेम की गंगा,

बिछा दो अपनी पलकों को,

मेरे भोलेनाथ आये है......

उमड़ आयी मेरी आँखे,

देखकर अपने बाबा को,

हुयी रोशन मेरी गलिया,

मेरे भोलेनाथ आये है......

तुम आकर फिर नही जाना,

मेरी इस सुनी दुनिया से,

कहू हरदम यही सबसे,

मेरे भोलेनाथ आये है......

लगी कुटिया भी दुल्हन सी,

मेरे भोलेनाथ आये है,

सजा दो घर को गुलशन सा,

मेरे भोलेनाथ आये है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।