नमो नमो जय नमः शिवाय

पारंपरिक
महादेव कथा शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

नमो नमो जय नमः शिवाय,

कितने भोले मेरे शिव है,

करते है कमाल शंकर,

नमो नमो.....

चला था शंकर कथा सुनाने,

अमरनाथ का राज बताने,

पंचरतन को त्याग अपने,

पार्वती को भेद बताने,

कथा को सुनकर अमर हो गया,

इक जोड़ा कबूतर का,

आज भी उड़ते अमरनाथ में,

रूप है गौरी शंकर का,

नमो नमो जय नमः शिवाय......

विस्तार कर दिया जो,

लेख शिवा ने,

अमरनाथ की हवा पहाड़ी,

और गुफा ने,

दिव्य लोक की दिव्य दिशाए,

जपती रहती नमः शिवाय,

नित धरती पर आके शिवा ने,

कल्याण कर दिया हम सब का,

नमो नमो जय नमः शिवाय......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।