मैया तेरा जलवा कहा पे नही है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हमको ये तो बता दो ओ मैया,

तेरा जलवा कहा पे नही है......

लोग पिते है पी पी के गिरते,

हम पीते है फिर भी ना गिरते,

हम तो पीते है सत्संग का प्याला,

कोई अंगूरी की मदिरा नही है,

हमको ये तो बता दो ओ मैया,

तेरा जलवा कहा पे नही है......

लोग खाते है खा खा के सोते,

हम तो खाते है फिर भी ना सोते,

हम तो खाते है हल्वा और पूरी,

कोई इडलि या ढोसा नही है,

हमको ये तो बता दो ओ मैया,

तेरा जलवा कहा पे नही है......

आँख वालो ने तुम को देखा,

कान वालो ने तुमको सुना है,

तुमको देखा नही उसी ने,

जिसकी आँखों पे पर्दा पड़ा है,

हमको ये तो बता दो ओ मैया,

तेरा जलवा कहा पे नही है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।