बाबा की निशान यात्रा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ये बाबा की निशान यात्रा, मेरे बाबा की निशान यात्रा,

भगतों का करे बेड़ा पार ये बाबा की निशान यात्रा......

एक हाथ में ध्वजा उठाओ,

दूजे में गुलाब ले आओ,

आओ भगतों सारे मिलकर,

बाबा का जयकारा लगाओ,

इत्र की कर दो बौछार,

ये बाबा की निशान यात्रा......

भगतों ने भण्डारा लगाया,

कढी कचोरी रज-रज खाया,

कोई जिमाये दूध जिलेबी,

कोई छप्पन भोग ले आया,

भरे रहे भण्डार,

ये बाबा की निशान यात्रा......

रंग अबीर गुलाल उडाओ,

झूमों नाचो खुशिया मनाओं,

डीजे वाले भईया सुनलों,

डीजे का तुम बेस बढाओं,

बाबा है लखदातार,

ये बाबा की निशान यात्रा......

शर्मा गुप्ता बंसल आये,

झा कन्हैया झूम के गाये,

मित्तल जी को देखो संग में,

भगतों की टोली ले आये,

छम-छम करें सब कमाल,

ये बाबा की निशान यात्रा,

मण्डल मचायेगा धमाल,

ये बाबा की निशान यात्रा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।