बाबा मेरे घर आया है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ये जो खुशियों की छायी है लहर के बाबा मेरे घर आया है,

के बाबा मेरे घर आया है...........

आज भजनो का हो गया असर के बाबा मेरे घर आया है,

के बाबा मेरे घर आया है.....

जहाँ भी प्रभु का कीर्तन किया जाता है,

ज्योत जगते ही खाटू धाम बन जाता है,

दिख रहा ग्यारस का असर के बाबा मेरे घर आया है,

आज भजनो का हो गया असर के बाबा मेरे घर आया है,

के बाबा मेरे घर आया है......

कैसे करूँ स्वागत समझ ना आता है,

मिलने को आया है जो जग को चलाता है,

आज दिन है बड़ा ही बेहतर के बाबा मेरे घर आया है,

के बाबा मेरे घर आया है......

एक बात हमने ये दुनिया से जानी है,

हारे को जिताना इसकी आदत पुरानी है,

आज सबको मिलेगा झोली भर, के बाबा मेरे घर आया है,

के बाबा मेरे घर आया है.....

सब भक्तों के संग अमरीश गाता है,

बार बार मिलने की अर्ज़ लगाता है,

मत करो किसी बात की फिकर, के बाबा मेरे घर आया है,

के बाबा मेरे घर आया है.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।