सपना में देख्यो रे म्हाने श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

निरखूं शोभा सांवरा,

पलका लेऊं बसाय,

जब चाहूँ दर्शन करूँ,

राखूं खूब सजाय......

सपना में देख्यो रे म्हाने,

श्याम धणी दातार,

हाथ फेर के सर पे बोल्यों,

बाबो लखदातार,

बावळा क्यों बघबरावे रे,

संकट का बादळ जीवन में,

आवे जावे रे,

नैण क्यों नीर बहावे रे,

तेरे साथ मैं खड्यो बावला

क्यों घबरावै रे.....

मोरछड़ी हाथां में,

सोहणों बागो घेर घुमेर,

हंस के गले लगायो बाबो,

जाणें कितणी देर,

मेरो हिवड़ो हरषावे रे,

केसर की बां महक आज भी,

जियो लुभावे रे,

बात भूली नहीं जावे रे,

तेरे साथ मैं खड्यो बावला

क्यों घबरावै रे.....

बागीचे फुलवारी जईयां,

हिवड़ो खिल गयो रे,

रोम रोम सें मिली बधाई,

ठाकुर मिल गयो रे,

जनम यो मिलतो जावे रे,

बात नहीं छोटी बाबो,

सपनां में आवे रे,

रोवतां धीर बंधावे रे,

तेरे साथ मैं खड्यो बावला

क्यों घबरावै रे.....

चरण धोय के सांवरिया,

चरणामत पिऊं रे,

लहरी चाकर बणके तेरो,

हर घड़ी जीऊं रे,

मोर मन झूम्यो जावे रे,

देख देख तन्ने श्याम सुरीली,

तान लगावे रे,

चैन की नींदा आवे रे,

तेरे साथ मैं खड्यो बावला

क्यों घबरावै रे.....

सपना में देख्यो रे म्हाने,

श्याम धणी दातार,

हाथ फेर के सर पे बोल्यों,

बाबो लखदातार,

बावळा क्यों बघबरावे रे,

संकट का बादळ जीवन में,

आवे जावे रे,

नैण क्यों नीर बहावे रे,

तेरे साथ मैं खड्यो बावला

क्यों घबरावै रे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।