बहुत दिन हुए तेरे दीदार के बिना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बहुत दिन हुए तेरे दीदार के बिना,

बहुत सदियाँ गुजरी तेरे प्यार के बिना......

ओ मेरे बांके बिहारी सरकार,

तुम बिन रहा नहीं जाए,

रहा नहीं जाये कुछ कहा नहीं जाए,

अब में कब तक करूँ इंतज़ार,

तुम बिन रहा नहीं जाए,

मेरे बांके बिहारी.......

जब से देखी सांवरी सुरत,

इस दुनियां की कोई नहीं जरुरत,

मुझे तुमसे हो गया प्यार,

तुम बिन रहा नहीं जाए,

मेरे बांके बिहारी.......

तन भी दूषित, मन भी दूषित

हो ही गया ये जीवन दूषित,

ऐ मुझे दिल से लगा लो दिलदार,

तुम बिन रहा नहीं जाए,

मेरे बांके बिहारी......

बीत चली जीवन की घड़ियाँ,

तरस रही तेरे दरश को अखियाँ,

ऐ मेरा सुना हुआ है संसार,

तुम बिन रहा नहीं जाए,

मेरे बांके बिहारी......

दरश बिना जीवन है सुना,

बिछुड़न का ये दर्द है दुना,

ओ 'पागल'के प्यारे यार,

तुम बिन रहा नहीं जाए,

मेरे बांके बिहारी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।