मेरो बांके बिहारी अनमोल रसिया

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( बांके बिहारी की बांकी अदा पे,

मै बार बार बलि जाऊ,

जनम जनम वृन्दावन राजा,

तेरे चरणन की रज पाऊ॥ )

मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,

मेरो कुञ्ज बिहारी अनमोल रसिया,

ओ रंग रसिया ओ रंग रसिया,

ओ मेरे मन बसिया,

जय जय श्री राधे....

प्यारी प्यारी सलोनी तेरी सुरतिया,

मेरे मन में बसी है तेरी मूरतिया,

तू है मेरा, मैं हूँ तेरी,

ओ मेरे सांवरिया,

मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,

मेरो कुञ्ज बिहारी अनमोल रसिया......

कैसी जादू भरी है तेरी बांसुरिया,

मैंने जब से सुनी मैं हो गई बाँवरिया,

मेरे मन में, मेरे तन में,

बसे नट नागरियां,

मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,

मेरो कुञ्ज बिहारी अनमोल रसिया......

मोटी मोटी यह तेरी कजरारी अखियां,

मीठी मीठी मधुर मंद मंद हसिया,

मुकुट तिरछा नैन तिरछे,

चरण में पैजनिया,

मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,

मेरो कुञ्ज बिहारी अनमोल रसिया.......

मैं हूँ पागल तुम्हारी तुम हो मेरे पिया,

तेरे दर्शन को तरसे है मेरा जिया,

चित्र विचित्र ने जीवन,

तुम्हारे नाम कर दिया,

मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,

मेरो कुञ्ज बिहारी अनमोल रसिया........

मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,

मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया,

हो रस बसिया हो रंग रसिया,

ओ मेरे मन बसिया,

मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,

मेरो कुञ्ज बिहारी अनमोल रसिया.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।