दिल खो गया बांके बिहारी श्री वृन्दावन में

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भवसागर में चलता फिरता,

गिरता पड़ता थक हारा हु मै,

भली भांति सभी फल चाख चुका,

प्रभु चाहता हु इससे छुटकारा मै,

सब ओर होक निराश प्रभु,

तकता अब तेरा सहारा हु मै,

प्रभु मारो या तारो करो कुछ भी,

सभी भांति सदैव तुम्हारा हु मै.......

दिल खो गया दिल खो गया,

बांके बिहारी श्री वृन्दावन में,

हाय मेरा दिल खो गया,

दिल खो गया दिल खो गया.....

यहाँ यमुना किनारा है,

श्री निधिवन प्यारा है,

कण-कण में बिहारी जी,

यहाँ तेरा नजारा है,

दिल खो गया दिल खो गया,

बाँके बिहारी श्री वृन्दावन में,

हाय मेरा दिल खो गया......

होता नित रास यहाँ,

संतो का वास यहाँ,

सदा भाव और भक्ति का,

होता अहसास यहाँ,

दिल खो गया दिल खो गया,

बाँके बिहारी श्री वृन्दावन में,

हाय मेरा दिल खो गया......

देखा जब से तुमको,

मैं हो गया दीवाना,

नहीं होश रहा कोई,

हुआ खुद से बेग़ाना,

दिल खो गया दिल खो गया,

बाँके बिहारी श्री वृन्दावन में,

हाय मेरा दिल खो गया.......

कहे चित्र विचित्र प्यारे,

कभी दिल से ना बिसराना,

पागल बस तेरा है,

हर जनम में अपनाना,

दिल खो गया दिल खो गया,

बाँके बिहारी श्री वृन्दावन में,

हाय मेरा दिल खो गया.....

बांके बिहारी श्री वृन्दावन में,

हाये मेरा दिल खो गया,

दिल खो गया दिल खो गया......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।