हरे राम हरे हरे कृष्ण हरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधा रमण हरी गोविन्द जय,

बोले रे मन हरे कृष्ण हरे,

राधा रमण हरी गोविन्द जय,

बोले रे मन हरे कृष्ण हरे......

हे मेरे गिरधर हे गोपाला,

तुही दुःख दूर करे,

हरे कृष्ण हरे हरे कृष्ण हरे,

हरे राम हरे हरे कृष्ण हरे......

अंधेरो में जलते दिए सा,

सांचा तेरा नाम रे कान्हा,

चांदी सोने से भी खरा है,

एक मेरा घनश्याम जगत का,

एक मेरा घनश्याम जगत का.....

आन पड़ी मई द्वार खड़ी मै,

तुही दुःख दूर करे,

हरे कृष्ण हरे हरे कृष्ण हरे,

हरे राम हरे हरे कृष्ण हरे.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।