हो जा मस्त मलंग दे दे चाबियां गुरां नूं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हो जा मस्त मलंग दे दे चाबियां गुरां नूं,

चाबियां गुरां नूं दे दे चाबियां गुरां नूं......

अन्दर तेरे भरे खजाने,

जिस नूं लूटदे श्याम प्यारे,

कर दे कुण्डे बन्द दे दे चाबियां गुरां नूं,

हो जा मस्त मलंग......

मन अपने दा खोल कबाड़ा,

खुल जाए तेरा बंद द्वारा,

चढ़ें गुरां दा रंग दे दे चाबियां गुरां नूं,

हो जा मस्त मलंग......

भाई बन्धु मित्र प्यारे,

मतलब दे ने रिश्ते सारे,

छड्ड दे इन्हा दा संग दे दे चाबियां गुरां नूं,

हो जा मस्त मलंग......

गुरु शब्द दा सकल सहारा,

खुल जाए तेरा दसवां द्वारा,

चढ़े गुरा दा रंग दे दे चाबिया गुरा नू,

हो जा मस्त मलंग........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।