छाप तिलक सब छिनी रे मोसे नैना मिलायीके

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

छाप तिलक सब छिनी रे मोसे नैना मिलायी के,

नैना मिलायी के नैना मिलायी के.....

बल बल जाऊ मै तोरे रंग रजवा,

अपने ही रंग रंग लीनी रे मोसे नैना मिलायीके,

छाप तिलक सब छिनी रे मोसे नैना मिलायीके.....

प्रेम भक्ति का मधुआ पिलाई के,

मतवारी कर दीनी रे मोसे नैना मिलायीके,

छाप तिलक सब छिनी रे मोसे नैना मिलायीके.....

हरी हरी चुड़िया गोरी गोरी बैया,

कलैइया पकड़ धर लीनी रे मोसे नैना मिलायीके,

छाप तिलक सब छिनी रे मोसे नैना मिलायीके......

श्याम नाम की मेहंदी रचयिके,

मोहे सुहागन किनी रे मोसे नैना मिलायीके,

छाप तिलक सब छिनी रे मोसे नैना मिलायीके......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।