मेरे सांवरे तुझ बिन नहीं जग में मेरा कोई आसरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - तू प्यार है किसी और का तुझे चाहता कोई और है

मेरे सांवरे तुझ बिन नहीं जग में मेरा कोई आसरा,

तूने अगर ठुकरा दिया कही हो ना जाऊ मै बांवरा,

मेरे सांवरे तुझ बिन नहीं जग में मेरा कोई आसरा.....

लोग कहते है तुझको दिलवाला,

हारे भक्तो का भी रखवाला,

कोई आया जो मांगने वाला,

जिसने जो मांगा वो ही दे डाला,

झोली मेरी भी खाली है भर दो इसे अब साँवरा,

तूने अगर ठुकरा दिया कही हो ना जाऊ मै बांवरा,

मेरे सांवरे तुझ बिन नहीं जग में मेरा कोई आसरा.....

सारी दुनिया ने ठुकराया है,

क्या कहू कितना सताया है,

मै जो निर्धन हु तेरी माया है,

क्यों गरीब को मिलता नहीं,

तेरे द्वार पर भी आसरा,

तूने अगर ठुकरा दिया कही हो ना जाऊ मै बांवरा,

मेरे सांवरे तुझ बिन नहीं जग में मेरा कोई आसरा.....

दुनिया ठुकराए मुझको चलता है,

मुझे ना अपनाये ये भी चलता है,

तू ना अपनाये दिल मेरा जलता है,

पर बता दे तू क्यों ना पिघलता है,

तेरा साथ मांगू मै सदा संग प्रीत तेरी सांवरा,

तूने अगर ठुकरा दिया कही हो ना जाऊ मै बांवरा,

मेरे सांवरे तुझ बिन नहीं जग में मेरा कोई आसरा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।