मेरे दिल में उतर गया श्याम क्या करूँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( उसका एहसास फ़िज़ाओं में बिखर गया है, ज़र्रा ज़र्रा सोने चांदी के जैसा निखर गया है,

क्या कहे लचक एक झलक जो देखी उसकी, नज़रो के रास्ते वो दिल में उतर गया है॥ )

कितना सुन्दर है सांवरा बखान क्या करूँ,

मेरे दिल में उतर गया श्याम क्या करूँ,

श्याम क्या करूँ, श्याम क्या करूँ,

श्याम क्या करूँ, मेरे श्याम क्या करूँ,

ओ मेरे दिल में उतर गया श्याम क्या करूँ,

मेरे दिल में उतर गया श्याम क्या करूँ.......

मेरा है तुमसे बस इतना ही कहना,

उतरे हो दिल में तो दिल में ही रहना,

तेरे वास्ते है दिल का मकान क्या करूँ,

मेरे दिल में उतर गया श्याम क्या करूँ,

ओ मेरे दिल में उतर गया श्याम क्या करूँ.......

इसकी अदाओं ने पागल किया है,

दिल और जिगर मेरा घायल किया है,

तिरछी नज़रो के मार गया बाण क्या करूँ,

मेरे दिल में उतर गया श्याम क्या करूँ,

ओ मेरे दिल में उतर गया श्याम क्या करूँ.......

लचक का जबसे खाटू आना जाना हुआ है,

तूफानी भी तेरा दीवाना हुआ है,

तबसे दिल को बड़ा है आराम क्या करूँ,

मेरे दिल में उतर गया श्याम क्या करूँ,

ओ मेरे दिल में उतर गया श्याम क्या करूँ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।