सारे जग में राज करे है, म्हारो सेठ सावरों

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरह पेढिया ऊपर म्हारे,

श्याम को बंगलो,

सारे जग में राज करे है,

म्हारो सेठ सावरों,

सेठ सावरों,

जी म्हारो सेठ सावरों॥

पहली पेरही पग धरताही,

मिट जा सब संताप,

दूजी तीजी पेरहि करदे,

मैल मना का साफ़,

ओ चौथी पेहरी चढ़ता भूल्या,

दुनियादारी को रगड़ो।

सारे जग में राज करे है,

म्हारो सेठ सावरों॥

पांचवीं पेहरी के ऊपर,

नोबत जोर बजावां,

मिलने आ गया टाबरिया,

यो डंको मार बतावां,

ओ छट्टी सातवीं पेहरी चढ़कर,

बोला जयकारो तगड़ो,

सारे जग में राज करे है,

म्हारो सेठ सावरों॥

आठवीं पेहरी ऊपर सारी,

तन की पीड़ा भागे,

नौंवी पेहरी चढ़ता चढ़ता,

सूती किस्मत जागे,

ओ दसवीं पेहरी भेद मिटावे,

झूठी माया को सगलो।

सारे जग में राज करे है,

म्हारो सेठ सावरों॥

ग्यारवी पेहरी चढ़ता दिखे,

खाटू रो सिरदार,

बारवीं पेहरी पर होवे,

अंतर की फुहार,

ओ ‘सरिता’ तेरहवी पेहरी लागे,

मोरछड़ी को फटको।

सारे जग में राज करे है,

म्हारो सेठ सावरों॥

तेरह पेढिया ऊपर म्हारे,

श्याम को बंगलो,

सारे जग में राज करे है,

म्हारो सेठ सावरों,

सेठ सावरों,

जी म्हारो सेठ सावरों॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।