चलो चलो री सखी सत्संग मिलेंगे वहां बनवारी

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

चलो चलो री सखी सत्संग मिलेंगे वहां बनवारी......

ब्रह्मा विष्णु और लक्ष्मी आई संग,

वीणा बजाते नारद आए ऐसा भयो है सत्संग,

मिलेंगे वहां बनवारी.....

गणपत आए कार्तिक आए रिद्धि सिद्धि संग,

डमरु बजाते भोले आए ऐसा भयो है सत्संग,

मिलेंगे वहां बनवारी....

रामा आए लक्ष्मण और सीता संग,

गदा घुमाते हनुमत आए ऐसा भयो है सत्संग,

मिलेंगे वहां बनवारी......

चंदा आए सूरज आए किरणे आई संग,

नभ लख तारे दौड़ी आए ऐसो भयो है सत्संग,

मिलेंगे वहां बनवारी......

गंगा आई जमुना आइ सरयु आई संग,

तीन धार त्रिवेणी आई एसो भयो है सत्संग,

मिलेंगे वहां बनवारी.....

दाऊ आए सुदामा आए ग्वाला आए संग,

मुरली बजाते कान्हा आए ऐसो भयो है सत्संग,

मिलेंगे वहां बनवारी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।