कहा से आये श्याम और कहा से आये शंकर

पारंपरिक
हनुमान जी भजन कृष्ण भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

कहा से आये श्याम और कहा से आये शंकर,

कहा से आये रे माता अंजनी के लाला,

मथुरा से आये श्याम काशी से आये शंकर,

मेहंदीपुर से आये माँता अंजनी के लाला......

क्या खाए श्याम और क्या खाए शंकर,

अरे क्या खाए रे माता अंजनी के लाला,

माखन खांए श्याम और भाग खाए शंकर,

और लड्डू खाए रे माता अंजनी के लाला.....

क्या करते है श्याम और क्या करते है शंकर,

और क्या करते है ये माता अंजनी के लाला,

कष्ट मिटाए श्याम और पीड़ा हटाये शंकर,

संकट को दूर भगाए माता अंजनी के लाला......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।