कन्हैया तेरा यार सुदामा आया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कन्हैया... कन्हैया...

कन्हैया तेरा यार सुदामा आया.....

बता मेरे यार सुदामा रै,

भाई घने दिना में आया,

कहू के यार कन्हैया रै,

टोटे नै घना सताया.....

बालक था रे जब आया करता,

रोज़ खेल के जाया करता,

बांध पोटली ल्याया करता,

तेरे चने मैं खाया करता,

हुए के तकरार सुदामा रे,

भाई घने दिनों में आया,

बता मेरे यार सुदामा रे,

भाई घने दिनों में आया....

मने सुना दे कुटुम्ब कहानी,

क्यूँ कर पडगी ठोकर खानी,

के बुझेगी बात पुराणी,

सुन आख्या में आ गया पानी,

टोटे की मार सुदामा रे,

भाई घने दिना में आया,

बता मेरे यार सुदामा रे,

भाई घने दिनों में आया....

सब बच्चों का हाल सुना दे,

मिस्रणी की बात बता दे,

जिसके भूखे हो शहजादे,

उस माँ ने बता कौन समझादे,

रे क्यूँ गया हार सुदामा रे,

भाई घने दिनों में आया,

बता मेरे यार सुदामा रे,

भाई घने दिनों में आया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।