जिन्दा रहने के लिए तेरी कसम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( साँस आती है साँस जाती है,

सिर्फ मुझको है इंतजार तेरा,

आंसुओ की घटाए पि पि के,

अब तो कहता है यही प्यार मेरा। )

जिन्दा रहने के लिए तेरी कसम,

एक मुलाकात जरुरी है मोहन....

तेरी चाहतो ने ये क्या गम दिया,

तेरी भक्ति में यु दिवाना हुआ,

ज़माने ने मुझको बेगाना किया,

दीवाना तेरे प्यार में बड़ा ही बुरा हाल है,

खडा हु तेरे द्वार पे ना होश ना ख्याल है,

खडा हु तेरे द्वार पे ना होश ना ख्याल है,

एक मुलाकात जरुरी है मोहन,

जिन्दा रहने के लिए तेरी कसम.......

मेरे साथ में रो रहा आसमान,

मेरा श्याम खोया है जाने कहा,

उसे ढूंडता मै यहाँ से वहा,

दर्शन की मुझे प्यास है जीवन कि यही आस है,

मै कितना मजबूर हु ये कैसा इम्तेहान है,

मै कितना मजबूर हु ये कैसा इम्तेहान है,

एक मुलाकात जरुरी है मोहन,

जिन्दा रहने के लिए तेरी कसम......

मेरी आँखों में जले तेरे चाहत के दिए,

कितना बेचैन हु मै श्याम से मिलने के लिए,

मेरे बिछड़े दिलबर तू जो एक बार मिले,

चैन आ जाये मुझे जो तेरा दीदार मिले,

मेरे सांवरे बता दे मुझे,

हुयी क्या खता बता दे मुझे,

करू अब मै क्या बता दे मुझे,

मेरे श्याम से मिला दे मुझे,

कही ना अब सुकून है कही ना अब करार है,

मिलेगा मेरा सांवरा मुझे तो ऐतबार है,

एक मुलाकात जरुरी है मोहन,

जिन्दा रहने के लिए तेरी कसम......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।