हम प्रेमी श्री श्याम के ना रखते दिलों में बैर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ना किसी से दोस्ती ना किसी से बैर,

हम प्रेमी श्री श्याम के ना रखते दिलों में बैर....

चौबीसो घंटे मुख पे मुस्कान हमारे रहती,

कुछ भी न हो भले पहचान हमारी बनती,

पहचान हमारी बनती,,

सबके लिए दुआओं में मांगे सबकी खैर,

हम प्रेमी श्री श्याम के ना रखते दिलों में बैर......

एक दूजे का नाता रिश्ता रखता है बना के,

सुख दुःख का सहारा सुनता है गले लगा के,

सुनता है गले लगा के,,

ह्रदय में बस भाव रखो आएगा देर सावेर,

हम प्रेमी श्री श्याम के ना रखते दिलों में बैर.....

श्याम को जाके सुनना पलकें अपनी बिछाना,

ज़रा भी ना शर्माना नज़रो से नज़रें मिलाना,

नज़रो से नज़रें मिलाना,,

आजा सज्जन बेधड़क हो गया तुझपे महर,

आजा रौनक बेधड़क हो गया तुझपे महर,

हम प्रेमी श्री श्याम के ना रखते दिलों में बैर......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।